प्रेस विज्ञप्ति

"ऑनलाइन प्रस्तावों द्वारा धोखाधड़ी" के प्रति सावधानी बरतने के लिए सार्वजनिक सूचना www.lpgvitrakchayan.in पर पंजीकृत व्यक्तियों से फर्जी मेलों द्वारा पैसा मांगा जा रहा है।
New Delhi, November 22, 2018

तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के नोटिस में आया है कि किन्हीं अज्ञात व्यक्ति(ओं)/ फर्जी एजेंसियों द्वारा यूआरएल www.ujjwaladealer.com, www.lpgvitarakchayan.org; www.ujjwalalpgvitarak.org और www.indanelpg.com के रूप में कई नकली वेबसाइटें बनाई गई हैं ।


ये धोखेबाज एजेंसियां / व्यक्ति प्रधान मंत्री उज्ज्वल योजना के अंतर्गत या राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी वितरण योजना (आरजीजीएलवी) के अंतर्गत एलपीजी वितरकों की नियुक्ति के लिए झूठे अवसरों की पेशकश कर रहे हैं।


भोलेभाले आवेदकों को धोखा देने के लिए, नकली वेबसाइट का लेआउट मूल वेबसाइट www.lpgvitrakchayan.in के समान रखा गया है।


नकली वेबसाइट के मुख पृष्ठ पर उनका पंजीकृत कार्यालय उज्ज्वलाआरजीजीएलवी_योजाना, उज्ज्वला अपार्टमेंट, एम जी रोड, कांदिवली(पश्चिम) मुंबई महाराष्ट्र-400067 है। धोखा देने वाले ऐसे ईमेल - info@ujjwaladealer.com नामक ईमेल आईडी से भेजे जा रहे हैं । ये नकली वेबसाइट भोलेभाले लोगों को अपना शिकार बना रही हैं और तेल विपणन कंपनियों जैसे- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड / हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड / भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड से (एलपीजी वितरकों / खुदरा दुकानों की पेशकश के लिए अपने लेटरहेड पर ओएमसी लोगो का उपयोग करके) कथित नकली ईमेल भेज रही हैं और ओएमसी के नाम पर भारी मात्रा में धन इकट्ठा कर रही हैं।


अतः जन साधारण को तेल विपणन कंपनियों की केवल आधिकारिक वेबसाइटों या www.lpgvitrakchayan.in पर प्रामाणिक और आधिकारिक जानकारी के लिए जाने और खुद को बेईमान तत्वों द्वारा धोखा देने से बचने की सलाह दी जाती है।


इसके अलावा, जन साधारण को पुलिस की साइबर क्राइम शाखा के पास शिकायत दर्ज कराने की भी सलाह दी जाती है ।


प्रधान मंत्री उज्जाला योजना (पीएमयूवाई) विशेषत: योजना हेतु अलग एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप को खोलने पर विचार नहीं करती है । नकली वेबसाइट में उल्लिखित ग्रामीण क्षेत्रों (आरजीजीएलवी) योजना और / या पीएमयूडीवाई के लिए "प्रधान मंत्री उज्जवला योजना और / या राजीव गांधी एलपीजी वितरक योजना" सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की किसी भी योजना अथवा एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप की नियुक्ति से संबंधित नहीं हैं । पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पीएमयूवाई लोगो और माननीय प्रधान मंत्री जी की तस्वीर, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के उत्पाद लोगो के साथ निहित लोगों द्वारा संचालित वेबसाइट नकली, दुर्भावनापूर्ण है और इसका उद्देश्य भोले-भले लोगों को धोखा देना है।


संपूर्ण देश में एलपीजी के वितरण के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा एलपीजी वितरकों की नियुक्ति एक उत्‍कृष्‍ट रूप से स्थापित चयन प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है जिसमें प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित विस्तृत विज्ञापन, सार्वजनिक क्षेत्र के तेल विपणन कंपनियों की इंटरनेट साइट पर होस्टिंग और सभी पात्र आवेदकों के लिए ड्रॉ ऑफ लॉट आयोजित करना इत्यादि शामिल है ।


सार्वजनिक क्षेत्र की किसी भी तेल विपणन कंपनी ने देश भर में एलपीजी वितरकों के चयन / नियुक्ति के लिए उनकी ओर से कोई एजेंसी / व्यक्ति नियुक्त नहीं किया है, न ही उन्होंने चयन प्रक्रिया के किसी भी चरण में किसी भी उम्मीदवार से पैसा मांगने के लिए किसी एजेंसी / व्यक्ति को प्राधिकृत किया है ।


सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों / एजेंसियों / कंपनियों को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि के तौर पर किसी भी तरह की भुगतान की गई राशि के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं होंगी।


तेल विपणन कंपनियाँ एक बार फिर साधारण जन को सचेत करती है कि ऐसी वेबसाइटों पर ऑनलाइन प्रतिक्रिया के रूप में महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी देना जोखिम भरा हो सकता है जिसका दुरुपयोग आपको वित्तीय और अन्य क्षति पहुंचाने के लिए किया जा सकता है ।