प्रेस विज्ञप्ति

इंडियनऑयल निष्पादन 2016-17
New Delhi, May 25, 2017

अध्यक्ष, इंडियनऑयल 2016-17 में इंडियनऑयल के प्रदर्शन के बारे में बोलते हुए
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इंडियन ऑयल के वित्तीय परिणाम पर प्रस्तुति 2016-17
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इंडियनऑयल निष्पाकदन 2016-17 तथ्य एक नज़र में
• वर्ष 2016-17 के दौरान इंडियनऑयल ने पेट्रोलियम उत्पादों, गैस, पेट्रोकेमिकल्स, विस्फोटक और निर्यात सहित 83.49 मिलियन टन उत्पाद बेचा; घरेलू पीओएल की बिक्री 74.11 मिलियन टन रही जो पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़कर 2.1% हो गई।
• इंडियनऑयल की रिफाइनरियों ने एक साथ मिलकर वर्ष 2016-17 में 65.2 मिलियन टन कच्चे तेल की अब तक की सबसे बड़ी मात्रा की प्रोसेसिंग की। पारादीप रिफाइनरी को छोड़कर जोकि प्रचालन के अपने पहले वर्ष में है, बाकि रिफाइनरियों ने 105% स्थापित क्षमता प्राप्तह की।
• इंडियनऑयल के पाइपलाइन नेटवर्क ने 2016-17 में लगभग 81.8 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) अब तक की सबसे अधिक थ्रूपुट मात्रा दर्ज की। नेटवर्क 1,100 किलोमीटर की लंबाई से बढ़कर अब 12,848 किलोमीटर हो गया।
• पेट्रोकेमिकल्स (निर्यात सहित) ने प्रोपेल ब्रांड नाम से अब तक की सर्वाधिक 2.57 मिलियन टन बिक्री दर्ज की।
• प्राकृतिक गैस की बिक्री 3.79 मिलियन टन हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% की वृद्धि दर्शाती है, जिससे इंडियनऑयल इस बढ़ते व्यापार क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।
• इंडियनऑयल के नेतृत्व में भारतीय परिसंघ ने अक्टूबर 2016 में वानकोर में 23.9% भागीदारी और रोसनेफ्ट की तास परिसंपत्तियों में 29.9% भागीदारी हित हासिल किए।
• प्रमुख रिफाइनरी उन्नयन और आपूर्ति लॉजिस्टिक्स में बदलाव की बेहतरीन योजना बनाते हुए इंडियनऑयल ने 1 अप्रैल 2017 की समय-सीमा के अनुसार पूरे देश में बीएस-IV परिवहन ईंधन की शुरुआत सुचारू रूप से सुनिश्चित की। • वर्ष के दौरान इंडियनऑयल ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बीपीएल ग्राहकों को 91 लाख से अधिक कनेक्शन जारी किए। इंडेन ग्राहकों की संख्याे 11 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई।
• भारत सरकार के नोटबंदी अभियान के दौरान, इंडियनऑयल ने अपने अखिल भारतीय ईंधन स्टेशन नेटवर्क से कैश@पीओएस के माध्यम से नए मुद्रा नोटों में 100 करोड़ रुपए का वितरण करके आम जनता की कठिनाइयों को दूर किया। • इंडियनऑयल ने वर्ष के दौरान अपने समग्र पूंजीगत व्यय के 15,395 करोड़ रुपए के निष्पातदन लक्ष्य को पार कर लिया, जो 30% से अधिक है।
• उच्च निष्पारदन वाले इंडियनऑयल शेयर ने राष्ट्री य स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी50 क्लब में अपनी जगह बनाई।






इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (इंडियनऑयल), भारत की शीर्ष-रैंक वाली फॉर्च्यून 'ग्लोबल 500' कंपनी और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में प्रमुख राष्ट्रीय तेल कंपनी है, जिसने अपने पिछले सभी मानकों को तोड़ते हुए वर्ष 2016-17 की समाप्तिय पर सभी प्रचालन मानदंडों में रिकार्ड निष्पा दन दर्ज करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया।

इंडियनऑयल के अध्याक्ष, श्री बी. अशोक के अनुसार, इंडियनऑयल ने 83.49 मिलियन टन उत्पारद बेचा, जिसमें वर्ष 2016-17 के दौरान पेट्रोलियम उत्पाद, गैस, पेट्रोकेमिकल्स, विस्फोटक और निर्यात शामिल था; इसकी रिफाइनरियों ने 65.2 मिलियन टन का थ्रूपुट प्राप्तभ किया; और पाइपलाइनों के क्रॉस-कंट्री नेटवर्क ने 81.8 मिलियन टन का सबसे अधिक रिकार्ड थ्रूपुट दर्ज किया।

पारादीप रिफाइनरी के पहले वर्ष के प्रचालन से इंडियनऑयल रिफाइनरियों ने वर्ष 2016-17 के दौरान 65.2 मिलियन टन संचयी कच्चे तेल का थ्रूपुट हासिल किया, जोकि अब तक का सर्वोच्च है। पारादीप रिफाइनरी को छोड़कर, अन्य सभी रिफाइनरियों ने एक साथ 105% क्षमता का उपयोग किया।

कॉर्पोरेशन की 12,800 किलोमीटर से अधिक लम्बी पाइपलाइन नेटवर्क ने वर्ष 2016-17 में 81.8 एमएमटी का संयुक्त थ्रूपुट प्राप्तस किया, जिससे वर्ष 2015-16 में 79.8 एमएमटी का पिछला सर्वाधिक आंकड़ा पार हो गया।

इंडियनऑयल पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस दोनों क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ बिक्री करके दूसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में उभरी है। कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2016-17 में 2.57 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल्स की बिक्री की। प्राकृतिक गैस की बिक्री 3.79 मिलियन टन हुई जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% वृद्धि दर्शाती है।

इंडियनऑयल के ईएंडपी व्यवसाय को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब इंडियनऑयल के नेतृत्व वाले परिसंघ ने वानकोर की 23.9% और रोसनेफ्ट से रूस में तास परिसंपत्तियों की 29.9% हिस्सेदारी हासिल की। इससे कॉर्पोरेशन के उत्पादन की हिस्सेलदारी 0.97 एमएमटीपीए से बढ़कर 1.45 अर्थात् 200% से अधिक हो गई।
वर्ष 2016-17 में इंडियनऑयल ने एक अन्यस विशाल कल्याणकारी कार्यक्रम अर्थात् प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना की अगुवाई की, जो ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी और समाज के सबसे निचले वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से मदद करने की एक पहल है। वर्ष 2019 तक बीपीएल परिवारों के लिए 5 करोड़ से अधिक शुल्कन-मुक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने के लक्ष्य के साथ, इस कार्यक्रम ने एक साल से भी कम समय में दो करोड़ कनेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे बाज़ार में एलपीजी का इस्तेमाल 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है।

बीएस-III ईंधन मानकों के अगले चरण में जाने के एक अन्य प्रमुख मिशन के भाग के रूप में, वर्ष 2014 में बीएस-IV परिवहन ईंधन के तीसरे चरण का शुभारंभ किया गया, जिसमें प्रमुख रिफाइनरी उन्नयन, आपूर्ति लोजिस्टि क्सध में परिवर्तन और अन्य संबंधित बदलाव शामिल थे। वर्ष 2016-17 के दौरान, सावधानीपूर्वक बनाई गई योजना से 1 अप्रैल, 2017 को भारत के बाकी भागों में अंतिम चरण (चरण-III) की सुचारू ढंग से शुरुआत सुनिश्चित हुई। इंडियनऑयल, बीएस-VI श्रेणी के उन्नत ईंधन जो 2020 में शुरू हो जाएंगे, में प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माताओं को उनके वाहनों में परीक्षण हेतु आपूर्ति कराने वाली तेल विपणन कंपनियों में भी पहली कंपनी बन गई है।

वर्ष 2016-17 में, इंडियनऑयल ने घरेलू हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में नवाचारों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी प्रणाली विकसित करने हेतु एक स्टार्टअप फंड की शुरुआत की। फरीदाबाद में इंडियनऑयल के अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र द्वारा संचालित यह योजना उन परियोजनाओं को सहायता देगी जिनका लक्ष्या महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षमता, सामाजिक प्रासंगिकता और पर्यावरण-संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए अभिनव प्रौद्योगिकी की स्थाकपना और व्यवसाय प्रक्रिया के नए विचारों को कार्य रूप देना है।

इंडियनऑयल अशांत इलाकों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए आगे आया और उसने जम्मू और कश्मीर, त्रिपुरा और मणिपुर के कुछ हिस्सों में कानून एवं व्यवस्था की खराब स्थिति और अपने कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों के गंभीर जोखिम के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों की सामान्य आपूर्ति को बनाए रखा। दिसम्बरर 2016 में चेन्नैं शहर में चक्रवात वर्धा के बाद भी उत्पारदों की आपूर्ति बनाए रखी गई।

इंडियनऑयल ने XII प्लाबन काल में 70,054 करोड़ रूपए पूंजीगत व्यपय किए जोकि निर्धारित लक्ष्य 56,200 करोड़ रूपए का 125 प्रतिशत है।
2016-17 में प्रचालन और वित्तीय प्रदर्शन में सुधार कंपनी के बाजार पूंजीकरण में दर्शाया गया है, जिसमें दो गुना वृद्धि हुई है। 31 मार्च 2016 को 95,564 करोड़ रुपये का बाज़ार पूंजीकरण बढ़कर 31 मार्च, 2017 को 1,87, 948 करोड़ रुपए हुआ। इसकी बढ़ती शेयर की कीमत और बाजार पूंजीकरण के मद्देनजर इंडियनऑयल को निफ्टी 50 सूचकांक (50 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकारी कंपनियों के एनएसई बेंचमार्क इंडेक्स) में शामिल किया गया था।
इंडियनऑयल शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव को कर्मचारियों की ओर से भारी समर्थन मिला, जिससे यह सार्वजनिक क्षेत्र की किसी भी कंपनी की विनिवेश प्रक्रिया में कर्मचारियों के साथ सबसे अच्छी भागीदारी बन गई ।

प्रमुख निष्पाकदन

विपणन



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74.11 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री के साथ, इंडियनऑयल ने वर्ष 2016-17 में भी पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की मुख्य उत्पाद श्रेणियों में घरेलू बाजार का नेतृत्व करना जारी रखा। बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और सेवाओं के क्षेत्र में वृद्धि के साथ, कॉर्पोरेशन ने अपने विपणन ढांचे और खुदरा नेटवर्क का विस्तार किया, जिसे उन्नत रिफाइनिंग और पाइपलाइन थ्रूपुट क्षमताओं के विस्तांर द्वारा समर्थन प्राप्तर था।



6500 से अधिक समर्पित सुविधाओं के जरिए रक्षा सेवाओं, रेलवे और राज्य परिवहन उपक्रमों जैसे बल्क ग्राहकों की सेवा करने के अलावा, इंडियनऑयल वर्तमान में 26,200 से अधिक ईंधन स्टेशनों का संचालन कर रहा है जो देश के कोने-कोने में व्यायप्त हैं। वर्ष 2016-17 में खुदरा नेटवर्क में लगभग 930 ईंधन स्टेशन जोड़े गए, जिनमें से 365 बिक्री केन्द्रष, ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सेवा केन्द्र (केएसके) थे। कुल बिक्री की तुलना में वर्ष के दौरान केएसके ब्रिक्री केन्द्रों का एमएस और एचएसडी में योगदान 14.6% के नए शीर्ष स्त र पर पहुंच गया। वर्ष 2016-17 में स्वचालित 600 ईंधन स्टेशन बनने से इंडियनऑयल के ऐसे स्वचालित स्टेशनों की संचयी संख्या 10,000 का आंकड़ा पार कर गई।



पूर्व में 1 मई 2016 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा औपचारिक रूप से शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के एक भाग के रूप में, इंडियनऑयल ने वर्ष 2016-17 के दौरान 91 लाख नए शुल्कस-मुक्त एलपीजी कनेक्शन जारी किए। कॉर्पोरेशन ने वर्ष के दौरान अब तक के सर्वाधिक 1.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन (पीएमयूवाई + नियमित) जारी किए, जो पिछले वित्त वर्ष में 1.03 करोड़ थे। पहली बार, इण्डे न की बिक्री वर्ष 2016-17 में 10 मिलियन टन पार कर गई, जो वर्ष दर वर्ष 10% की वृद्धि दर्शाती है।



इंडियनऑयल के सर्वो ब्रांड लूब्रिकेंटों ने वर्ष के दौरान 9.7 टीएमटी की मात्रा में वृद्धि के साथ अपनी बाजार हिस्सेदारी में सुधार किया है। इंडियनऑयल एविएशन, जो अब 104 स्थानों से प्रचालन कर रहा है, वर्ष के दौरान अपने शीर्ष स्तर पर पहुंच गया, और तेजी से बढ़ते प्रतिस्पर्धी बाजार में 5.7% की मात्रात्म क वृद्धि दर्ज की (2016-17 में 3.95 एमएमटी)।



सरकार के नोटबंदी अभियान का समर्थन करते हुए, इंडियनऑयल ने अपने विक्रय नेटवर्क में लोकप्रिय कैशलेस भुगतान प्रणाली को तुरंत लागू किया। कॉर्पोरेशन ने अपने ईंधन स्टेशनों से कैश@पीओएस के माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये के नए मुद्रा नोटों का भुगतान करके आम जनता की कठिनाइयों को कम किया। अब यह ई-पेमेंट गेटवे के लिए बैंकों सहित कई ई-रिटेलरों के आपूर्ति और वितरण को सरल बनाने के लिए परिवहन एग्रीगेटर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।



इंडियनऑयल के अखिल भारत ग्राहकों के संपर्क स्थ्ल, आपूर्ति स्थानों के नेटवर्क द्वारा समर्थित हैं, उनमें से 60 स्मार्ट टर्मिनलों में परिवर्तित हो गए हैं, जहां सुधार प्रक्रियाओं के लिए कई नई पहलें टर्मिनल ऑटोमेशन सिस्टम में शामिल की गई हैं।





रिफाइनरीज़

पारादीप रिफाइनरी के पहले वर्ष के प्रचालन से इंडियनऑयल रिफाइनरियों ने वर्ष 2016-17 के दौरान 65.2 मिलियन टन संचयी कच्चे तेल का थ्रूपुट हासिल किया, जोकि अब तक का सर्वोच्च है। पारादीप रिफाइनरी को छोड़कर, अन्य सभी रिफाइनरियों ने एक साथ 105% क्षमता का उपयोग किया।



फरवरी 2016 में चालू पारादीप रिफाइनरी ने मार्च 2017 के दौरान अपने क्षमता उपयोग में 85% से अधिक की वृद्धि करते हुए, वर्ष के दौरान अपने उत्कृष्ट निष्पानदन को जारी रखा।



वर्ष के दौरान ईंधन और हानि (एफएंडएल: 8.49%) और ऊर्जा दक्षता (एमबीएन: 74.9) जैसे ऊर्जा मापदंडों में इंडियनऑयल रिफाइनरीज़ (पारादीप को छोड़कर) का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।


इंडियनऑयल रिफाइनरियों ने उद्योग को 1 अप्रैल, 2017 से देश भर में स्वमच्छ , 100% बीएस-IV अनुरूप मोटर वाहन ईंधन की आपूर्ति करने की अपनी वचनबद्धता को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। बीएस-VI ईंधन को पूरे देश में 1 अप्रैल 2020 से लागू करने के भारत सरकार के लक्ष्यI को प्राप्तम करने के लिए मथुरा रिफाइनरी ऑटोमोबाइल विनिर्माताओं द्वारा परीक्षण उद्देश्यों के लिए बीएस-VI अनुरूप एमएस और एचएसडी का उत्पादन करने वाली सबसे पहली रिफाइनरी बन गई है।


इंडियनऑयल ने वर्ष के दौरान नए ग्रेडों, जैसे एंटन, क्लोव, मोंडो, ईरासेमा और सांगोस के साथ अपनी क्रूड ऑयल बॉस्केौट के दायरे का विस्तासर किया है। सस्ते भारी और उच्च-टैन क्रूड ग्रेड की प्रोसेसिंग 18% तक बढ़ गई।




पाइपलाइन

इंडियनऑयल के भूमिगत राजमार्ग (पाइपलाइन) कम-लागत वाले आपूर्तिकर्ता के रूप में बाजारों और ग्राहकों तक पहुंच बनाने में उसकी प्रमुख शक्ति रहे हैं। वर्ष 2016-17 में कॉर्पोरेशन ने 81.8 एमएमटी का उच्चतम थ्रूपुट प्राप्त किया, जबकि 2015-16 में यह पिछला सबसे अधिक 79.8 एमएमटी थ्रूपुट था।



वर्ष के दौरान लगभग 1100 कि.मी. पाइपलाइन खंडों को चालू किया गया, जिससे इंडियनऑयल के पाइपलाइन नेटवर्क की लंबाई 12,848 किलोमीटर तक बढ़ गई और तरल पाइपलाइन नेटवर्क की क्षमता 93.7 एमएमटीपीए तक और गैस पाइपलाइनों की क्षमता 9.5 एमएमएससीएमडी हो गई।



वर्तमान में कार्यान्वयनाधीन परियोजनाओं से इंडियनऑयल के पाइपलाइन नेटवर्क की लंबाई लगभग 20,000 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी और तरल उत्पाद पाइपलाइनों की क्षमता लगभग 118 एमएमटीपीए और गैस पाइपलाइनों की 44.5 एमएमएससीएमडी तक बढ़ जाएगी।




अनुसंधान एवं विकास

इंडियनऑयल ने वर्ष 2016-17 के दौरान स्वदेशी तकनीक के विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इंडियनऑयल के आरएंडडी केन्द्रय द्वारा ओलीवोरस-एस नामक बायोरेमेडियेशन तकनीक को जनवरी-फरवरी 2017 में चेन्नई के पास एन्नोर में तेल बिखराव को न्यूननतम करने के लिए अपनाया गया, जो इंडियनऑयल की पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इंडियनऑयल के आरएंडडी सेंटर ने वर्ष के दौरान 105 पेटेंट (6 भारतीय और 99 विदेशी) दायर किए। केंद्र को वर्ष 2016-17 में 28 पेटेंट प्रदान किए गए, जिससे इंडियनऑयल के सक्रिय पेटेंटों की संख्याि 554 तक पहुंच गई।
वर्ष के दौरान निम्नेलिखित उत्पादों और प्रक्रियाओं को वाणिज्यिक प्रयोग हेतु शामिल किया गया :
• डिलेड कोकिंग तकनीक, जिसका लाइसेंस इंडियनऑयल और ईआईएल द्वारा संयुक्तय रूप से दिया जाता है, का बरौनी रिफ़ाइनरी में 0.6 एमएमटीपीए कोकर-ए यूनिट में सुधार करने के लिए इस्तेेमाल किया गया।

• गुवाहाटी रिफाइनरी में 35 टीएमटीपीए की इंडाडेप्ट.जी यूनिट को गैसोलीन के गहन डिसल्फ्यू राइजेशन के लिए घरेलू तौर पर विकसित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके चालू किया गया।

• गुवाहाटी रिफाइनरी की इंडमैक्स यूनिट को आरएंडडी के प्रोसेस डिज़ाइन पैकेज के आधार पर पुनरुद्धार करके 0.15 एमएमटीपीए (डिजाइन क्षमता का 150%) किया गया।

• इंड-कोकरएटी टेक्नोलॉजी को पानीपत रिफाइनरी में सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया गया जिससे डिलेड कोंकिंग प्रौद्योगिकी की तुलना में डिस्टीलेट उत्पा द में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पाइपलाइनों के लिए 16-इंच व्यास इन-लाइन निरीक्षण उपकरण का डिजाइन पूरी तरह से आंतरिक क्षमताओं से विकसित किया गया है, जिसका प्रदर्शन अन्य वैश्विक उच्च-रिज़ॉल्यूशन निरीक्षण उपकरणों के समान है।




नए व्यापार

पेट्रोकेमिकल्स
वर्ष 2016-17 के दौरान, इंडियनऑयल ने पेट्रोकेमिकल्स की सबसे ज्यादा बिक्री (पिछले साल 2.538 एमएमटी की तुलना में 2.54 एमएमटी, बेंज़ीन सहित) प्राप्त की। कॉर्पोरेशन ने देश में दूसरे सबसे बड़े पॉलिमर आपूर्तिकर्ता के रूप में खुद को स्थापित किया है, जिसमें प्लास्टिक के 90% अनुप्रयोग शामिल हैं। घरेलू बाजार में 52 पॉलिमर ग्रेड पेश किए गए थे।

वर्ष 2016-17 के दौरान पेट्रोरसायनों के लिए इंडियनऑयल ने दो नए निर्यात स्थलों, बर्मा और मिस्र को जोड़ लिया है। इससे प्रोपेल ब्रांड पेट्रोकेमिकल्स अब 73 देशों में मौजूद है जबकि पॉलीमर को दुनिया भर के 55 देशों में निर्यात किया जाता है।


प्राकृतिक गैस

वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान, गैस की कुल बिक्री 3.79 एमएमटी थी, जिसके परिणामस्वरूप लगभग पिछले वित्तीय वर्ष में 4% की वृद्धि हुई। वर्ष के दौरान, एलएनजी की 23.6 मिलियन टन बिक्री 'एलएनजी आपकी दहलीज़ पर' नामक योजना के जरिए प्राप्त9 की गई थी। इंडियनऑयल, अपनी संयुक्त उद्यम कंपनी, इंडियनऑयल एलएनजी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कामराजर पोर्ट, एन्नोडर में 5 एमएमटीपीए एलएनजी टर्मिनल की स्थापना कर रहा है जिसे वर्ष 2018-19 तक चालू किया जाएगा।


कॉर्पोरेशन आगरा और लखनऊ में गेल के साथ संयुक्ति उद्यम अर्थात् ग्रीन गैस लिमिटेड (जीजीएल) के जरिए नगर गैस वितरण परियोजनाओं का प्रचालन कर रहा है। इंडियनऑयल चंडीगढ़, इलाहाबाद, पानीपत, दमन, ईरनाकुलम, उधमसिंह नगर और धारवाड़ में अदानी गैस लिमिटेड के साथ अपने संयुक्त उद्यम इंडियनऑयल-अदानी गैस प्राइवेट लिमिटेड (आईओएजीपीएल) के द्वारा नगर गैस वितरण परियोजनाओं को लागू कर रहा है। परियोजनाएं निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं।


इंडियनऑयल ने जैव-सीएनजी मार्केटिंग में कदम रखा है और उसने देश में तीन प्रमुख जैव-सीएनजी उत्पादकों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।


ईएंडपी

इंडियनऑयल सक्रिय रूप से आठ घरेलू ब्लॉक (दो कोल-बेड मिथेन ब्लॉक सहित) और 9 विदेशी ब्लॉकों में अन्वेषण गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है, जिसमें उसके 3.50 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक कार्य हित हैं। आठ देशों नामत: रूस, अमेरिका, कनाडा, लीबिया, वेनेजुएला, गैबॉन, नाइजीरिया और यमन में नौ विदेशी ब्लॉक स्थित हैं।

भारतीय परिसंघ (इंडियनऑयल, ओआईएल और बीपीआरएल) ने अक्टूबर 2016 में वनकोर में 23.9% भागीदारी हित (पीआई) और तास परिसंपत्तियों में 29.9% भागीदारी हित का अधिग्रहण लेनदेन पूरा किया है। इसके साथ ही, इंडियनऑयल के 2पी रिजर्व का शेयर 338 मिलियन बैरल ऑफ ऑयल इक्विवलन्ट (एमएमबीओई) और इन परिसंपत्तियों से वर्तमान उत्पादन 46,000 बीओई/दिन है। इसके साथ ही इंडियनऑयल का उत्पादन शेयर 0.56 एमएमटीपीए से 200% बढ़कर 1.45 अर्थात् हो जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय विस्तार

इंडियनऑयल ने मैसर्स बंगलादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, जो बंगलादेश की एक राष्ट्रीय तेल कंपनी है, से एलपीजी या किसी अन्य पेट्रोलियम उत्पाद के क्षेत्र में परस्पर लाभप्रद गतिविधियों में शामिल होने, बुनियादी सुविधाओं और विपणन नेटवर्क के विकास के साथ-साथ चटगांव से त्रिपुरा तक एलपीजी का परिवहन करने का कार्य करने के साथ-साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। चटगांव में प्रीमियर एलपी गैस की मौजूदा भंडारण सुविधा में आयातित एलपीजी का थोक में भंडारण करने, बंगलादेश में अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का संयुक्त विपणन करने और बंगलादेश से भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र तक सड़क द्वारा एलपीजी की थोक आपूर्ति सुविधा का विस्तार करने के लिए मैसर्स प्रीमियर एलपी गैस प्राइवेट, बंगलादेश और मैसर्स टोटल ऑयल इंडिया के साथ एक अन्य समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।


स्थापयी पहलें

वैकल्पिक ऊर्जा

इंडियनऑयल ने गुजरात, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में संचयी रूप से 167.6 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाओं को स्था,पित किया है। वर्ष 2016-17 के दौरान, जैसलमेर और जोधपुर जिलों और रोजमल, गुजरात में 98.3 मेगावाट की पवन-ऊर्जा परियोजनाएं शुरू की गई थीं । वर्ष 2016-17 के दौरान पवन-ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पा3दन 158 मिलियन यूनिट (केडब्ल्यूएच) था, जिससे उत्सर्जन में 129 टीएमटीसीओ2ई (हजार मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड लगभग) की कमी हुई है।


इंडियनऑयल की सोलर पीवी पावर की कुल स्थापित क्षमता 20 मेगावाट है। इसमें 9.5 मेगावाट ग्रिड से जुड़ी सौर पीवी परियोजनाएं और 10.5 मेगावाट ऑफ-ग्रिड परियोजनाएं शामिल हैं। वर्ष 2016-17 के दौरान विभिन्न मार्केटिंग, पाइपलाइन और रिफाइनरी प्रतिष्ठानों में 12.5 मेगावाट सौर पीवी यूनिट स्थापित की गई थीं।


वर्ष के दौरान लगभग 2,000 इंडियनऑयल ईंधन स्टेशनों को सौर ऊर्जा से संचालित करने के लिए परिवर्तित किया गया। संचयी रूप से 6,170 ईंधन स्टेशनों को अब तक सौर ऊर्जा में परिवर्तित किया जा चुका है, जिनकी स्थापित क्षमता 24 मेगावाट है।


कचरा प्रबंधन

स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत, इंडियनऑयल वाराणसी शहर में उत्पन्न जैविक कचरे का प्रबंधन करने के लिए संयंत्रों की स्थापना कर रहा है। पहला संयंत्र दिसम्बर 2016 में चालू हो गया और इससे उत्पा्दित बिजली का इस्तेमाल आसपास के इलाकों में स्ट्रीट लाइट को रोशन करने के लिए किया जा रहा है।


मथुरा रिफाइनरी ने रिफाइनरी के पानी का पेयजल के अलावा अन्यम प्रयोजनों हेतु प्रयोग करने के लिए मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे स्थित सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित बहि:स्राव (20 एमएलडी) का उपयोग करने के लिए अगस्त 2016 में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार के साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ता क्षर किए हैं। इससे रिफाइनरी द्वारा प्राकृतिक स्रोतों से ताजे पानी के उपयोग में कमी आएगी।


इंडियनऑयल के लगभग 560 स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें 950 हेक्टेयर जलग्रह क्षेत्र शामिल हैं और एक वर्ष में लगभग 3 बिलियन लीटर पानी बचाया जा रहा है।