वार्षिक आम बैठक – 2015 के लिए अध्याक्ष का भाषण

Lead Story

इंडियनऑयल के प्रिय सम्मानित शेयरधारको ,


देवियों और सज्जनों


इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन तथा इसके निदेशक मंडल की ओर से, मैं कंपनी की 56वीं वार्षिक आम बैठक में आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं। मैं आप सभी का अपना बहुमूल्य समय निकालकर यहां उपस्थित होने तथा इस महत्वपूर्ण बैठक में हमारा समर्थन करने के लिए धन्यवाद करता हूं। कॉर्पोरेशन में शेयरधारकों के सतत समर्थन और हमारे प्रति उनकी अटूट आस्थाो ने ही हमें वर्षों से स्थायी निष्पादन और विकास करने में सक्षम बनाया है।

बैठक में आमंत्रित करने की सूचना, निदेशकों की रिपोर्ट तथा लेखा-परीक्षित लेखा खाते आपके पास पहले से ही हैं और आपकी अनुमति से मैं इन्हें पढ़ा हुआ मान रहा हूं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था


chairman_speech वर्ष 2014 में वैश्विक अर्थव्यवस्था मामूली 3.4 प्रतिशत तक बढ़ी थी और इसके 2015 में 3.3 प्रतिशत तक थोड़ा सा कम बढ़ने का अनुमान लगाया गया, तथा तत्पश्चात् 2016 में इसके 3.8 प्रतिशत होने का अनुमान है। वर्ष 2014 में, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में विकास सुदृढ़ हुआ, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर में मंदी का दौर चल रहा है। हाल ही में, चीन की अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं और यह संभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था पर निर्भर करेगी, जिसका उभरती बाजार मुद्रा, वस्तु मूल्य तथा इक्विटी पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ेगा।

वर्ष के दौरान, सबसे प्रमुख घटना वैश्विक कच्चे तेल के मूल्यों में अत्यधिक गिरावट रही है, जो अधिक आपूर्ति और कमजोर मांग के कारण हुई है। वैश्विक तेल आपूर्ति में वर्ष 2013 के 93.6 मिलियन बैरल प्रति दिन (एमबीपीडी) की तुलना में 2014 में 2.2 मिलियन बैरल प्रति दिन (एमबीपीडी) की वृद्धि हुई। इसकी तुलना में विश्व तेल मांग 2014 में 0.6 एमबीपीडी से 92.5 एमबीपीडी तक की मामूली वृद्धि हुई। शैल क्रांति से उत्साहित होकर, अमरीका ने सऊदी अरब को विश्व के सबसे बड़ा तेल उत्पादक के रूप में पीछे छोड़ दिया।

वैश्विक पर्यावरण का वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी तेल मूल्यों पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ता रहा। यूनान में वित्तीय उथल-पुथल द्वारा कच्चे तेल के बाजारों पर और दबाव पड़ा; ईरान द्वारा पश्चिमी शक्तियों के साथ काफी समय से लंबित सौदा करने की सूचना से अंतत: प्रतिबंध हट जाएगा तथा और अधिक आपूर्तियों होंगी; अमेरिकी कच्चे तेल की मांग सूची में वृद्धि होगी; ओपीईसी उत्पादन बढ़ेगा; तथा चीनी अर्थव्यवस्था के बारे में चिंताएं बढ़ीं हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था


भारतीय अर्थव्यवस्था ने सुदृढ़ विकास प्रदर्शित किया है और यह उभरती अर्थव्यवस्था समूह के लिए एक अपवाद था, जिसमें निर्धारित मंदी देखी गई। वर्ष 2014-15 में, भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो 2013-14 में दर्ज 6.9 प्रतिशत से बढ़ गई थी। इस वर्ष अर्थव्यवस्था में व्यापक स्थििरता आई तथा मुद्रास्फीति, व्यापार घाटा, वर्तमान खाता घाटा तथा राजसहायता बिल में गिरावट आई। हमने व्या पक सुधारों को शुरू होते हुए देखा तथा अन्य प्रमुख सुधारों की रूपरेखा निर्धारित की गई है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में, जीडीपी में 7% की वृद्धि हुई जो अनुमान से काफी कम थी। औद्योगिक क्षेत्र का निष्पादन नवीनतम आईआईपी रीडिंग द्वारा दर्शाए गए अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में बढ़ना शुरू हुआ। तथापि, निर्यात और आयात के विकास में व्यापक मंदी, रुपए का अवमूल्यन, कमजोर कृषि विकास तथा सुधारों पर हाल में हुआ गतिरोध अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक क्षेत्र के रूप में उभरे हैं। कुल मिलाकर, भारत अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में एक बेहतर स्थल है और इसके समूह के लिए विकास के बढ़ने की संभावना सर्वाधिक है।

भारत विश्व में तेल का चौथा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और इसकी 80% घरेलू खपत आवश्यकता को तेल का आयात करके पूरा किया जाता है। डीजल विपणन के नियंत्रणमुक्त होने तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मूल्यों में गिरावट से घरेलू तेल क्षेत्र काफी अधिक प्रभावित हुआ है। तेल मूल्य में व्यापक गिरावट 115 अमेरिकी डॉलर/बैरल से घटकर जुलाई, 2014 और जनवरी, 2015 के बीच 45 अमेरिकी डॉलर हो गई, जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को काफी राहत मिली। इसी प्रकार, 19 अक्तूजबर, 2014 से डीजल के मूल्यों को नियंत्रणमुक्त करने से राजसहायता-प्राप्त ईंधन पर अल्प वसूलियां समाप्त हो गईं। वर्ष 2014-15 के दौरान, शोधित पेट्रोलियम उत्पातदों की मांग काफी अधिक 4.2 प्रतिशत बढ़कर 165 मिलियन टन हो गई। पेट्रोल और एलपीजी ने सुदृढ़ विकास दर्ज किया, जबकि डीजल में पिछले वर्ष नकारात्मक वृद्धि की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई।

प्रचालनात्मेक निष्पादन


इससे पहले कि मैं पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी के निष्पादन का उल्लेख करूं, मैं आप सभी को यह बताना चाहता हूं कि आप के समर्थन और प्रोत्साहन से आपके कॉरपोरेशन ने वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही में उद्योग में 6,436 करोड रूपए का उच्चतम लाभ अर्जित किया है। उत्कृष्ट प्रचालन निष्पादन, बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और सरकार द्वारा लगभग पूरी राशि का भुगतान करने से हमें 2015-16 की अप्रैल-जून तिमाही के निवल लाभ में दोगुना वृद्धि करने में मदद मिली है।

वर्ष 2014-15 आपके कारपोरेशन के लिए बेहतरीन और चुनौतीपूर्ण दोनों रहा है। एक ओर, इंडियनऑयल का कच्चे तेल के आयात पर व्यय, उधार, ब्याज लागत और सकल अल्पफ-वसूलियों में काफी कमी हुई है। वहीं दूसरी ओर, आपकी कंपनी को कच्चे तेल, मध्यवर्तियों और उत्पादन पर 15,600 करोड़ रुपए की इन्वेंट्री का नुकसान हुआ है।

इसके बावजूद, आपके कॉर्पोरेशन ने 4,50,756 को रुपए का कारोबार क्या है और उसे पूरे वर्ष के लिए 5,273 रूपए का निवल लाभ हुआ है, जिसका श्रेय चहुंमुखी उन्नत भौतिक निष्पादन को जाता है - यह रिकॉर्ड बिक्री, 98.9 प्रतिशत रिफाइनिंग क्षमता उपयोग, और अब तक का सर्वाधिक पाइपलाइन थ्रूपुट के रूप में रहा है। कच्चे तेल के स्रोत में राजकोषीय समझदारी और नए प्रयासों के साथ-साथ पेट्रोरसायन क्षेत्र से लाभ को बढ़ाने में सहायता मिली है। कॉर्पोरेशन ने आपके अनुमोदन के लिए 6.60 रुपए प्रति शेयर के लाभांश का प्रस्ताव किया है।

रिफाइनरियां


आपका कॉर्पोरेशन भारत में सबसे बड़ा तेल शोधक है और पूर्वी तट पर 15 मिलियन टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली पारादीप रिफाइनरी की स्थापना के पूरा होने पर उसकी उपलब्धियों में एक और आयाम जुड़ जाएगा। इसे न केवल इंडियन ऑयल की समूह रिफाइनिंग क्षमता प्रतिवर्ष 80 मिलियन टन से अधिक हो जाएगी बल्कि इसका विपणन प्रचालन भी बढ़कर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक पहुंच जाएगा।

वर्ष 2014-15 के दौरान इंडियन ऑयल की रिफाइनरियों द्वारा 53.59 मिलियन टन कच्चे तेल का थ्रूपूट प्राप्त किया गया, जिसकी तुलना में पिछले वर्ष यह 53.13 मिलियन टन था। उन्होंने डिस्टीलेट उत्पादन बढ़ाने, ईंधन हानि को नियंत्रित करने तथा विशिष्ट ऊर्जा खपत को कम करने में भी अब तक का उत्कृष्ट निष्पादन दर्ज किया है।


पाइपलाइनें


आपकी कंपनी 11200 कि.मी. तक फैले डाउनस्ट्रीाम क्षेत्र में सबसे बड़े पाइपलाइन नेटवर्क की मालिक है और उसका परिचालन करती है, तथा यह प्रतिस्पर्धी लाभ के लिए अपनी पहुंच और थ्रूपुट क्षमता का लगातार विस्तापर कर रही है। वर्ष 2014-15 में इंडियन ऑयल की कच्चे तेल की पाइपलाइनों ने पिछले वर्ष 45.86 मिलियन टन की तुलना में 47.78 मिलियन टन के सर्वाधिक थ्रूपूट सहित 118 प्रतिशत क्षमता उपयोग प्राप्त किया। उत्पाद पाइपलाइन ने भी पिछले वर्ष 27.21 मिलियन टन थ्रूपूट की तुलना में वर्ष के दौरान 27.90 मिलियन टन थ्रूपूट प्राप्त किया। कंपनी की गैस पाइपलाइन का थ्रूपूट भी सर्वाधिक रहा।

विपणन


इन वर्ष 2014-15 के दौरान भी इंडियनऑयल ने बाजार में अपने वर्चस्व को कायम रखा और इसकी संयुक्त बिक्री 76.51 मिलियन टन रही, जिसमे गैस, पेट्रोरसायन और निर्यात शामिल है। पिछले वर्ष की तुलना में घरेलू बिक्री 2.5 प्रतिशत से बढ़कर 71.8 मिलियन टन हो गई। आपकी कंपनी की अंतर्निहित शक्ति बल्क उपभोक्ता व्यवसाय, एक विश्वसनीय भागीदार और कम लागत वाले आपूर्तिकर्ता के रूप में इसकी साख, जिसने उसे विशेषकर एचएसडी में व्यवसाय की सर्वाधिक हिस्सेदारी लेने में सक्षम बनाया है।

कारपोरेशन ने वर्ष के दौरान सरकार के अनेक दूरगामी नीतिगत परिवर्तनों को कार्यान्वित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। इनमें डीजल को नियंत्रणमुक्त करना; एलपीजी के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लिए पहल कार्यक्रम; देश भर में 5 किलोग्राम के राजसहायता-प्राप्त एलपीजी सिलेंडर की शुरुआत करना; बीएस-IV ईंधनों की उपलब्धता का 24 और नगरों में विस्तार करना, आदि प्रमुख हैं।

बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति को बनाए रखते हुए, आपके कारपोरेशन ने वर्ष के दौरान 947 ईंधन स्टेशनों की स्थापना की, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 369 किसान सेवा केंद्र शामिल है जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 24,400 हो गई है। कुल बिक्री की तुलना में केएसके बिक्री केंद्रों का योगदान वर्ष के दौरान पेट्रोल (खुदरा) 12.9% तथा डीजल (खुदरा) में 12.8% की नई ऊंचाई तक पहुंच गया।

ग्राहक के विश्वास को बनाए रखने के उद्देश्य से, वर्ष के दौरान इंडियनऑयल के 1,600 ईंधन स्टेशनों को स्वचालित बनाया गया। इससे आपके कॉरपोरेशन के नियमित ईंधन स्टेशनों का 42% स्वचालन कार्य पूरा हो गया है।

आपका कॉरपोरेशन वैकल्पिक अक्षय ऊर्जा संसाधनों का पुरजोर समर्थन करता है और 31 मार्च, 2015 को इसके ईंधन स्टेशनों को सौर ऊर्जा द्वारा प्रचालन किए जाने में परिवर्तित कर दिया गया है और भविष्य में इनका और परिवर्तन किया जाएगा।

आपके कारपोरेशन ने नए कनेक्शन जारी करके बॉटलिंग और भंडारण क्षमता को बढ़ाकर तथा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूटरशिप नेटवर्क का विस्तार करके घरेलू एलपीजी में अपनी बाजार हिस्सेदारी को निरंतर बनाए रखा है। 72.6 लाख नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के जारी होने से इण्डेतन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 8.88 करोड़ हो गई है।

उद्योग स्तर पर, इंडियनऑयल 100 दिनों से कम समय में अखिल भारत आधार पर एलपीजी रसोई गैस की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना 'पहल' को कार्यान्वित करने में सबसे अग्रणी रहा है। इस योजना को विश्व में परिवारों को सबसे बड़े प्रत्यक्ष नकद अंतरण कार्यक्रम के रूप में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड से भी मान्यता मिली है। भारत में लगभग 89% इण्डेन रसोई गैस ग्राहक नकद-अंतरण-अनुपालनकर्ता हैं और वे अपने व्यक्तिगत खातों में सरकारी राजसहायता प्राप्त कर रहे हैं।
इंडियन ऑयल की विमानन सेवा ने वर्ष के दौरान अपनी नेतृत्व स्थिति को बनाए रखा और उसकी बाजार हिस्सेदारी 63.6 प्रतिशत है।

अनुसंधान और विकास


वर्ष के दौरान आपके कॉरपोरेशन के फरीदाबाद स्थित विश्व स्तरीय आरएंडडी केंद्र ने रिकॉर्ड 92 पेटेंट दायर करके अपनी बौद्धिक परिसंपत्तियों को बनाने में काफी बड़ा कदम उठाया है। 14 नए पेटेंटों के जुड़ने से मौजूदा पेटेंट का पोर्टफोलियो बढ़कर 384 हो गया है, जिसमें से 83 अमेरिकी पेटेंट, 151 भारतीय तथा 150 अन्यफ देशों से हैं।

आरएंडडी केंद्र ने वर्ष के दौरान और 125 लूब्रिकेन्ट्सै सूत्र विकसित किए तथा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) तथा रक्षा सेवाओं से लगभग 60 पुष्टिि प्राप्तओ कीं।

हालांकि केंद्र द्वारा विकसित इंडमैक्सय प्रौद्योगिकी को पारादीप रिफाइनरी में 4 मिलियन टन प्रतिवर्ष यूनिट में कार्यान्वयन किया जा रहा है, फिर भी, आंतरिक रूप से विकसित अन्य अनेक नई रिफाइनिंग प्रोसेस प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और वाणिज्यीकरण में महत्वपूर्ण विकास किया गया। धातु-कटाई खंड में प्रयोग हेतु वर्ष के दौरान एक नया उत्पाद ‘इण्डेिन नैनोकट’ भी विकसित किया गया है।

व्यवसाय विस्तार पहल


पिछले एक दशक से कॉरपोरेशन के लिए घरेलू पेट्रोलियम डाउनस्ट्री म क्षेत्र के अलावा एकीकरण और विविधीकरण एक प्रमुख बल दिया जाने वाला क्षेत्र रहा है। हमारे पेट्रोरसायन और प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में पर्याप्त निवेश किया गया है जिससे मात्रा और प्रचालन दोनों में कई गुणा विस्तार हुआ है, जो हमारे प्रमुख व्यवसाय का अभिन्नस हिस्सा बन गया है। आने वाले वर्षों में अगला कदम उनसे राजस्व और लाभ को अधिकतम करना होगा।

पेट्रोरसायन


इंडियनऑयल ने बहुत थोड़ी अवधि में स्वयं को भारत में पेट्रोरसायनों में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित किया है जिसमें सभी प्रकार के उत्पाद शामिल हैं। वास्तव में, पेट्रोरसायन व्यवसाय ने वर्ष 2014-15 के दौरान कंपनी के लाभ में काफी योगदान दिया है। निर्यात सहित बिक्री ने 2.39 मिलियन टन की नई ऊंचाई को छुआ है जो पिछले वर्ष की तुलना में 17% वृद्धि दर्शाता है।

पॉलीमर, जो कारपोरेशन के पेट्रोरसायन व्यवसाय का सबसे बड़ा घटक है, ने घरेलू बाजार में 1.23 मिलियन टन की बिक्री दर्ज की है जिससे वर्ष दर वर्ष आधार पर 25% की वृद्धि हुई है।

आपका कॉरपोरेशन प्रोपेल ब्रांड नाम से 70 देशों को पेट्रोरसायनों का निर्यात करता है।

प्राकृतिक गैस


पर्यावरण सुरक्षा के विश्वव्यापी अभियान के रूप में लोकप्रियता प्राप्त करने से गैस, तरल ईंधनों के स्थान पर स्वच्छ 'भविष्य के ईंधन' के रूप में उभर रही है। इंडियन आयल अपने ग्राहकों को उनकी पसंद का ईंधन उपलब्ध कराना चाहता है और इसलिए उसने आने वाले वर्षों में गैस वितरण में व्यापक उपस्थिति की परिकल्पना की है। इस अपेक्षा को पूरा करने के लिए आपका कॉरपोरेशन गैस मूल्य श्रृंखला में निवेश करके अपने प्राकृतिक गैस व्यवसाय का विस्तार कर रहा है।

गैस वितरण शुरू करने के एक दशक के अंदर इंडियनऑयल भारत में दूसरा सबसे बड़ा गैर-एपीएम गैस विक्रेता बन गया है जिसका बाजार शेयर आर-एलएनजी क्षेत्र में 30% है। वर्ष 2014-15 के दौरान विषम बाजार परिस्थिजतियों के बाबजूद, आपके कॉरपोरेशन ने एलएनजी बिक्री में 6% विकास दर हासिल की है। स्वतंत्र खरीद करने के अलावा, अमेरिका और कनाडा के स्रोतों से दीर्घावधि एलएनजी आपूर्तियों हेतु अनुबंध किया गया है।

आपका कॉरपोरेशन एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से 5,000 करोड रुपए के निवेश से चेन्नई के निकट इंदौर में 5 एमएमटीपीए एलएनजी आयात, भंडारण और पुन: गैसीकरण का कार्यान्वयन कर रहा है। इस टर्मिनल को 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के विस्तारर पर उचित बल दिए जाने से आपके कॉरपोरेशन की 1,167 कि.मी. लम्बीत पाइपलाइन बिछाने की योजना है ताकि एन्नोटर पर पहुंचने वाली आयातित एलएनजी को नागापट्टिनम, तूतीकोरिन, मदुरै और बेंगलुरु तक भेजा जा सके। यह पाइपलाइन तथा निर्माणाधीन गैस पाइपलाइनें - मल्लावरम-विजयपुर, मेहसाना-भटिंडा और भटिंडा-श्रीनगर पाइपलाइन गैस ट्रांसमिशन व्यवसाय में आपके कॉरपोरेशन के लिए पर्याप्त उपस्थिेति सुनिश्चित कर सके।

बल्क गैस उपभोक्ताओं की सेवा करने के अलावा, इंडियनऑयल नगर गैस वितरण नेटवर्क का भी प्रचालन करता है।

अन्वेषण और उत्पादन (ईएंडपी)


आपका कॉर्पोरेशन वर्षों से अपने ईएंडपी पोर्टफोलियो का विकास कर रहा है और वर्तमान में, इसके 10 घरेलू और 7 विदेशी परिसंपत्तियों में भागीदारी हित हैं। विदेशी ब्लॉक लीबिया, गाबन, नाईजीरिया, यमन, वेनेजुएला, कनाडा और अमेरिका में हैं।

कारपोरेशन की विदेशों में तीन उत्पादक परिसंपत्तियां हैं नामत: नियोब्रारा शेल परियोजना (अमेरिका), पैसिफिक नॉर्थ-वेस्ट एलएनजी परियोजना (कनाडा) तथा काराबोबो परियोजना (वेनेजुएला)। वर्ष के दौरान, इन परिसंपत्तियों से उत्पादन वर्ष 2013-14 में 1,754 एमबीओई से बढ़कर 3,299 मिलियन बैरल तेल समकक्ष (एमबीओई) हो गया जो 88% की वृद्धि दर्शाता है। प्रमाणित और प्रमाणित-आधार पर विकसित रिजर्व 31 मार्च, 2014 को 1.66 मिलियन टन तेल समकक्ष (एमटीओई) से बढ़कर 31 मार्च, 2015 को 2.18 एमटीओई हो गया, जो 32% की वृद्धि दर्शाता है।

वैकल्पिक ऊर्जा


वर्ष के दौरान, आपके कॉरपोरेशन ने आंध्र प्रदेश में 6.3 मेगावाट पवन ऊर्जा जोड़ी; जिससे अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो बढ़कर 74.3 मेगावाट हो गया; इसमें 69.3 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता तथा 5 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है। कैप्टिव खपत के लिए तमिलनाडु में नारीमनम विपणन टर्मिनल में 4 मेगावाट सौर विद्युत परियोजना को पूरा करने की योजना बनाई जा रही है।

स्थाई विकास


आपके कॉर्पोरेशन के स्थि रता कार्यक्षेत्र का एक प्रमुख क्षेत्र कार्बन, पानी और अपशिष्ट फुटप्रिंट को न्यूनतम करना है। वर्ष के दौरान, आपके कॉर्पोरेशन ने अपने कुछ ईंधन स्टेशनों, स्थापनाओं और कार्यालय भावनों को सौर ऊर्जा में परिवर्तित करके लगभग 4.8 मेगावाट अक्षय ऊर्जा बचाई है। कंपनी ने 50,000 से अधिक पौध लगाई हैं; 17 कार्बन न्यूट्रल कार्यक्रम आयोजित किए; 437 वर्षाजल प्रणालियों के जरिए 27 लाख कि.ली. पानी एकत्र करके भू-जल तालिका में सुधार किया तथा 11.5 टन अपशिष्ट पेपर को रिसाइकल किया है।


भावी मार्ग


आइए, अब भविष्य पर एक नज़र डालें। भारतीय अर्थव्यवस्था के ठोस विस्तार चरण में होने से इसकी गति विनिर्माण, अवसंरचना और सेवा क्षेत्रों से प्रेरित हो रही है अत: तेल और गैस ऊर्जा की मांग के आने वाले वर्षों में और अधिक बढ़ने की संभावना है।

चूंकि प्रमुख उद्यम पिछले पांच दशकों से विकास को गति प्रदान कर रहे हैं अत: इंडियनऑयल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करके, ऊर्जा प्रयोग तथा ऊर्जा संरक्षण को अधिकतम करने पर ध्यान देते हुए, मांग से काफी पहले अपेक्षित क्षमता, योग्यता और अवसंरचना का निर्माण करने में विश्वास करता है। व्यवसाय के इस सिद्धांत का पालन करते हुए मुझे विश्वास है कि आपका कॉरपोरेशन 12वीं योजना अवधि अर्थात् 2012-2017 के दौरान 56,200 करोड रुपए के पूंजीगत निवेश लक्ष्य को पार कर लेगा।

हाल के वैश्विक विकास को देखते हुए, कच्चे तेल का व्यवसाय धीरे-धीरे क्रेता का बाजार बनता जा रहा है। कच्चे तेल के प्रमुख आयातक, जो इसकी समग्र लागत का लगभग 92 प्रतिशत है, के रूप में आपका कॉरपोरेशन कच्चे तेल के स्रोत की लागत को कम करने के लिए अनेक कदम उठा रहा है। इसमें से पहला कच्चे तेल के बास्केट का विस्तार है, जिसमें अतिरिक्त ग्रेड तथा विविधीकृत स्रोत शामिल हैं। अगला कदम बेहतर प्रतिस्पर्धी प्रस्तावों का लाभ उठाते हुए कच्चे तेल की खरीद में नई प्रक्रियाओं को शुरू करने के अलावा, मूल्य लाभ प्राप्त करने के लिए अवधि और स्पॉट क्रूड के अनुपात को अधिकतम करना है। आपका कॉरपोरेशन लागत को कम करने के लिए अपनी रिफाइनरी में सस्ते, हैवी क्रूड ऑयल की उच्च मात्रा की प्रोसेसिंग कर रहा है। वर्तमान में, आपका कॉरपोरेशन लगभग 40 विभिन्न स्रोतों से 170 ग्रेडों की प्रोसेसिंग करने में सक्षम है।

पारादीप रिफाइनरी, जिसकी वर्तमान में स्थापना की जा रही है, को देखते हुए आपका कॉर्पोरेशन अपने बरौनी, गुजरात, मथुरा और पानीपत रिफाइनरियों में ब्राउनफील्डत क्षमता विस्तार की संभावनाएं तलाश रहा है। पश्चिमी तट पर अतिरिक्त क्षमता निर्माण के कार्यक्षेत्र पर भी विचार किया जा रहा है।

नियोजित क्षमता विस्तार के अनुसार संबद्ध विपणण सुविधाओं से नई पाइपलाइन ग्रिड द्वारा आपूर्ति श्रृंखला डाउनस्ट्रीवम को और अधिक कारगर बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। कच्चा तेल और उत्पादन दोनों के कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन, जिनका मूल्य 12,000 करोड़ रुपए से अधिक है, कार्यान्वित किया जा रहा है जिससे 22 मिलियन टन अतिरिक्त क्षमता और मौजूदा नेटवर्क की लंबाई लगभग 6,000 कि.मी. बढ़ेगी।

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि भारत और नेपाल की सरकारों के बीच द्विपक्षीय समझौते के भाग के रूप में इंडियनऑयल भारत में रक्सौल से लेकर नेपाल में अमलेखगंज तक ट्रांसनेशनल पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन बिछा रहा है तथा नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन के अमलेखगंज डिपो में संबद्ध सुविधा केंद्रों की रि-इंजीनियरिंग कर रहा है। 41 कि.मी. लंबी नई पाइपलाइन से आपके कॉरपोरेशन द्वारा नेपाल को पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की आपूर्ति को और अधिक कारगर बनाने में मदद मिलेगी।

विपणन क्षेत्र में, विशेषकर ग्रामीण बाजारों में बिना प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में एलपीजी और अन्य उत्पादों हेतु खुदरा नेटवर्क के विस्तार से नए एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों तथा बल्क भंडारण स्थापनाओं का निर्माण किया जा रहा है। पुराने डिपो और टर्मिनल, जो अपना सेवाकाल पूरा कर चुके हैं, को अत्याधुनिक सुरक्षा और संरक्षा विशेषताओं सहित खुले ‘स्मार्ट’ टर्मिनलों से बदला जा रहा है जिससे दैनिक परिचालन सरल, कुशल और तीव्र बनेगा।

पेट्रोरसायन, जो एक प्रमुख व्यवसाय क्षेत्र में विकसित हो गया है, में कॉर्पोरेशन मूल्य वर्धित उत्पाद तथा लाभ बढ़ाने के लिए रिफाइनरी स्ट्री म से विशेष ग्रेडों का उत्पादन करने के लिए अनेक परियोजनाएं कार्यान्वित कर रहा है। प्राकृतिक गैस क्षेत्र में आपका कॉरपोरेशन विभिन्न निर्माणाधीन एलएनजी टर्मिनल में क्षमता बुकिंग और इक्विटी भागीदारी दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

विगत में, आपके कॉरपोरेशन का आरएंडडी केंद्र कई तरह से प्रमुख रिफाइनिंग और विपणन कार्यों में सहायता दे रहा है। अब यह कॉरपोरेशन के नए व्यवसाय क्षेत्रों - पेट्रोरसायनों, पॉलीमरो और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों - तथा ईंधन तेल और जैव उर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता का विस्तार कर रहा है। कैम्पस का नई सुविधाओं और वाणिज्यिक मात्रा के प्रायोगिक संयंत्रों के लिए जगह उपलब्ध कराने हेतु और विस्तार किया जा रहा है।

पेट्रोलियम उत्पादों के पूरा नियंत्रणमुक्त होने के कारण निजी कंपनियां, जिन्होंने बाजार से वापसी कर ली थी, अब आपके कॉरपोरेशन की नेतृत्व स्थिति को चुनौती देने के लिए लौट रही हैं। इंडियनऑयल अपने व्यवसाय को सुदृढ़ करने के लिए महत्वकांक्षी योजना कार्यान्वित कर रहा है और उसे विश्वास है कि उसकी स्पष्ट परिभाषित विपणन नीति, देशव्यापी अवसंरचना तथा पुन: विक्रेता नेटवर्क तथा इसकी सुदृढ़ ब्रांड इक्विटी से इसके बाजार शेयर को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके प्रचालनों में उत्कृष्ट प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन के जरिए ग्राहक सेवा और संतुष्टि पर ध्यान देते हुए इसके ईंधन स्टेशनों में स्वचालन और देखो-तथा-महसूस करने के आधुनिक पहलुओं से आपका कॉरपोरेशन तेल और गैस क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बनने और राष्ट्रों में पसंदीदा कंपनी बनने का प्रयास करेगा।

आज खुदरा क्षेत्र, मात्रा की दृष्टि से लगभग 80 मिलियन मिट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जो देश में कुल पेट्रोलियम खपत का लगभग आधा है। ऐसे परिदृश्य में, ईंधन स्टेशनों में कुशल ग्राहक परिचर स्थारयी व्यवसाय के लिए सबसे बड़ा अंतर ला सकते हैं। इस समस्याट से निपटने के लिए, इंडियनऑयल ने परियोजना चेतना शुरू की है, जिसके अंतर्गत लगभग 98,000 पब्लिक फेसिंग ग्राहक परिचरों को उनके कौशल, जवाबदेही और व्यवहार को उन्नत बनाने हेतु मार्च, 2015 के अंत तक प्रशिक्षित किया गया है। इस नई पहल को एटीडी (प्रतिभा विकास के लिए सहयोग, अमेरिका) 'व्यवहार में उत्कृष्टता-2014' प्रशस्ति पत्र प्रदान करके अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है।

खुदरा ईंधन व्यवसाय को नियंत्रणमुक्त किए जाने से ग्राहकों के लिए उनकी पसंद के तरल, गैसीय और ब्रांडेड ईंधनों में से चयन करते हुए उत्पााद प्रस्तांवों का विस्ताेर करने का अवसर खुल गया है। ईंधनों के अलावा, खुदरा अवसरों का भी पूरा दोहन किए जाने की आवश्यकता है।

भारत सरकार के ईधन गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम की समय-सीमा के अनुसार बीएस-IV ईंधनों को 1 अप्रैल, 2015 से उत्तर भारत में लागू किया गया है तथा इसका देश के शेष भागों में 1 अप्रैल, 2017 तक चरणों में विस्तार किया जा रहा है। सरकार अप्रैल 2020 तक बीएस-VI ईंधनों में सीधे परिवर्तित होने के लिए कह रही है, जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है। आपके कॉरपोरेशन ने लगभग 12,000 करोड़ रुपए के निवेश से अपनी रिफाइनरियों के अपेक्षित उन्नयन हेतु योजनाएं तैयार की हैं।

निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व


अच्छा कॉर्पोरेट नागरिक बनना इंडियनऑयल कॉरपोरेशन के कॉर्पोरेट विजन का एक अभिन्न हिस्सा है। आपके कॉर्पोरेशन ने पिछले कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदा के आने पर पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों की अबाधित आपूर्ति सुनिश्चित की है। इंडियनआयल दल ने जम्मू कश्मीर में आई बाढ़; आंध्र प्रदेश में हुदहुद चक्रवात तथा नेपाल में विनाशकारी भूकंप के दौरान सराहनीय कार्य किया है।

आपके कारपोरेशन ने वर्ष के दौरान, विशेषकर स्वच्छ भारत अभियान के भाग के रूप में नए जोश के साथ निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व पहल लागू की है। स्वच्छ विद्यालय अभियान के अंतर्गत लगभग 24 करोड रुपए की लागत से स्कूलों में शौचालयों और स्वच्छता सुविधा केंद्रों का निर्माण किया गया। दक्षता विकास, सरकार की एक अन्यस प्रमुख पहल है और इंडियनऑयल देश भर में कौशल विकास केंद्रों की स्थापना करने और उपयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

निगमित शासन


इंडियन ऑयल के लिए निगमित शासन एक प्राथमिक क्षेत्र है क्योंकि यह ग्राहकों और शेयरधारकों का मूल्य वर्धन करता है, और कारपोरेशन को अपने निवेश का प्रबंधन करने तथा इसकी साख के जोखिम को कम करने के लिए अवसर प्रदान करता है। आपके कॉरपोरेशन में अच्छी कार्पोरेट शासन पद्धतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एक सुपरिभाषित नीतिगत ढांचा विद्यमान है जो अंततः तेल और गैस क्षेत्र में उसकी नेतृत्व स्थिति को बनाए रखने में योगदान देगा।

मानव संसाधन


दिनांक 31 मार्च, 2015 को कॉरपोरेशन के कर्मचारियों की संख्या 32,962 थी, जिसमें 15,298 कार्यपालक और 17,664 गैर-कार्यपालक शामिल थे। इसमें 2,596 महिला कर्मचारी थीं जो कुल कार्यबल का 7.87 प्रतिशत हैं।

आपका कॉर्पोरेशन अपने मानव संसाधन के पूल को अपनी सबसे बड़ी परिसंपत्ति मानता है और टीम इंडियनऑयल के समर्पण, प्रतिबद्धता तथा कड़े परिश्रम से हम बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करने, व्यवसाय में अपना वर्चस्व कायम रखने तथा नए व्यरवसायों के पोर्टफोलियो का विस्तार करने में सक्षम होंगे। परिचालन उत्कृष्टता, राजकोषीय समझदारी, परिसंपत्तियों को काम में लाना, जनता में निवेश करना तथा साख और ब्रांड मूल्य का विस्तार करने पर बल दिया जाएगा।

मैंने हमेशा कहा है कि इंडियनऑयल का भारत में वाणिज्यिक संगठनों में निस्संदेह सबसे बड़ा ग्राहक इंटरफेस रहा है। नए बाजार के उतार-चढ़ाव में आपके कॉरपोरेशन का यह प्रयास होना चाहिए कि इसकी पहुंच, विश्वसनीयता और जवाबदेही को और सुदृढ़ किया जाए तथा इसे ग्राहक आधारित ग्राहक अनुकूल संगठन के रूप में मान्यता दी जाए।

अंत में, मैं हमारे सभी शेयरधारकों का उनके द्वारा दिए गए सतत समर्थन के लिए धन्यवाद करना चाहूंगा। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भी हमें उनका समर्थन और प्रोत्साहन निरंतर मिलता रहेगा।

आभार


निदेशक मंडल वर्ष 2014-15 के दौरान कॉरपोरेशन की उपलब्धियों में इंडियन ऑयल परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों और दी गई बहुमूल्य सेवाओं के लिए तहे दिल से अपना आभार व्यक्त करता है। बोर्ड भारत सरकार, विशेषकर पेट्रोलियम और रसायन मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारों, विनियामक और सांविधिक प्राधिकारियों का भी उनके द्वारा किए गए बहुमूल्य मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद ज्ञापित करना चाहेगा। बोर्ड अपने सभी शेयरधारकों जैसे ग्राहकों, बैंकरों, निवेशकों, परामर्शदाताओं, प्रौद्योगिकी लाइसेंसधारियों, ठेकेदारों विक्रेताओं, आदि का उनके द्वारा सतत् समर्थन देने तथा कॉरपोरेशन में आस्था बनाए रखने के लिए भी आभार व्यक्त करता है। बोर्ड श्री ए.एम.के. सिन्हा, श्री पी.के. गोयल, श्री राजीव कुमार, श्री एम. नेने, श्री वी.एस. ओखदे, डॉ एस.सी. खूंटिया, श्रीमती श्यामला गोपीनाथ और श्री श्याम सरन का बोर्ड में उनके कार्यकाल के दौरान दिए गए बहुमूल्य मार्गदर्शन और महत्वपूर्ण योगदान के लिए सराहना करता है।
मैं अब वार्षिक लेखा को अंगीकार करने का प्रस्ताव करता हूं।

बोर्ड के लिए और उनकी ओर से

बी अशोक
अध्यक्ष