प्रेस विज्ञप्ति

घाना की राष्ट्रीय एलपीजी संवर्धन नीति के कार्यान्वयन में सहायता के लिए इंडियनऑयल ने राष्ट्रीय पेट्रोलियम प्राधिकरण घाना के साथ किए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
New Delhi, January 22, 2020

 

भारत और घाना के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने वाले कदम में, इंडियन ऑयल ने घाना की राष्ट्रीय एलपीजी संवर्धन नीति के कार्यान्वयन में अपनी सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए घाना के राष्ट्रीय पेट्रोलियम प्राधिकरण (एनपीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

एलपीजी नेटवर्क के विस्तार द्वारा जन-जन तक स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने में सफल होने के साथ ही भारत इस दिशा में एक वर्ल्ड लीडर के रूप में उभरा है | भारत की इस सफलता से प्रभावित होते हुए घाना ने अपने घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल एलपीजी को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रयासों में भारत से सहायता मांगी है ।

माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री, श्री धर्मेंद्र प्रधान, महामहिम माइकल हारून, नई दिल्ली में घाना के उच्चायुक्त, श्री आशीष चटर्जी, संयुक्त सचिव (जीपी एंड एम), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, श्री जी के सतीश, निदेशक (प्लानिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट), इंडियनऑयल, श्री गुरमीत सिंह, निदेशक (विपणन), इंडियनऑयल और एनपीए, घाना और इंडियनऑयल के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगणों की उपस्थिति में घाना के राष्ट्रीय पेट्रोलियम प्राधिकरण (एनपीए)और इंडियनऑयल के बीच इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।

एनपीए, घाना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अलहसन सुलेमाना तंपुली और श्री एल के एस चौहान, मुख्य महाप्रबंधक (एलपीजी-प्रचालन), इंडियनऑयल ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए ।

इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उद्देश्य पेट्रोलियम के क्षेत्र में और विशेषकर एलपीजी में में एनपीए और इंडियनऑयल के बीच सहयोग को मजबूत करना है जिसके तहत आईओसी एलपीजी के री-सर्कुलेशन मॉडल (सीआरएम) के सफल कार्यान्वयन में एनपीए को सहयोग प्रदान करेगा।

इस संबंध में, इंडियनऑयल, देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनी, भारत की ओर से घाना के राष्ट्रीय पेट्रोलियम प्राधिकरण को कई क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुरक्षा और पर्यावरण (HSSE) मानकों के विकास, लाइसेंसिंग, परमिट और कानूनी ढांचा, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के लिए अर्थशास्त्र, मूल्य निर्धारण संरचना और संचार रणनीति के विकास के लिए सहायता प्रदान करेगी। । इंडियनऑयल नई एलपीजी मूल्य श्रृंखला के लिए बुनियादी ढाँचे के विकास के साथ-साथ संस्थानों की क्षमताओं को उन्नत करने और उनके लिए नीति निर्माण तथा समीक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग प्रदान करेगा।

यदि इंडियनऑयल घाना के डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम क्षेत्र में एक वाणिज्यिक भागीदार के रूप में भाग लेने का फैसला करता है तो इस समझौते से इंडियनऑयल को एनपीए, घाना द्वारा प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाएगी |

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बारे में:

33,000 से अधिक कार्य-बल, व्यापक परिशोधन, वितरण और विपणन अवसंरचना और उन्नत अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं के साथ, इंडियन ऑयल वर्तमान में अपने 50,000 से अधिक की संख्या में उपलब्ध ग्राहक संपर्क बिंदुओं के माध्यम से देश के लाखों करोड़ों लोगों तक ऊर्जा पहुंचा रहा है। वित्त वर्ष 2018-19 में 6,05,924 करोड़ रुपये के कारोबार और 16,894 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के साथ इंडियनऑयल देश का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद कॉर्पोरेट है, जो एक अरब से अधिक भारतीयों के जीवन को छू रहा है।

घाना के राष्ट्रीय पेट्रोलियम प्राधिकरण और इसकी राष्ट्रीय एलपीजी संवर्धन नीति के बारे में

घाना में पेट्रोलियम डाउनस्ट्रीम उद्योग को विनियमित करने के लिए राष्ट्रीय पेट्रोलियम प्राधिकरण (एनपीए) नियामक प्राधिकरण है।

एनपीए को प्रस्तावित राष्ट्रीय एलपीजी नीति के कार्यान्वयन का काम सौंपा गया है | इस नीति के तहत एनपीए भारत द्वारा लागू किए गए एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और सिलेंडर रिसाइकल मॉडल (सीआरएम) के समान घाना में सुरक्षित और कुशल तरीके से एलपीजी के विपणन और वितरण पर दिशा प्रदान करेगा। इस नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक कम से कम 50% घाना वासियों (वर्तमान में 23%) के पास घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करवायी जाएगी |